गोकर्णने कहा—तू कौन है? रात्रिके समय ऐसे भयानक रूप क्यों दिखा रहा है? तेरी यह दशा कैसे हुई? हमें बता तो सही—तू प्रेत है, पिशाच है अथवा कोई राक्षस है?॥ २४॥
कस्त्वमुग्रतरो रात्रौ कुतो यातो दशामिमाम्।
किं वा प्रेतः पिशाचो वा राक्षसोऽसीति शंस नः॥ २४
गोकर्णने कहा—तू कौन है? रात्रिके समय ऐसे भयानक रूप क्यों दिखा रहा है? तेरी यह दशा कैसे हुई? हमें बता तो सही—तू प्रेत है, पिशाच है अथवा कोई राक्षस है?॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.5.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 64) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/5/24/