इसी प्रकार दूसरे दिन सायंकालमें दूसरी गाँठ फटी और तीसरे दिन उसी समय तीसरी॥ ४९॥
द्वितीयेऽह्नि तथा सायं द्वितीयग्रन्थिभेदनम्।
तृतीयेऽह्नि तथा सायं तृतीयग्रन्थिभेदनम्॥ ४९
इसी प्रकार दूसरे दिन सायंकालमें दूसरी गाँठ फटी और तीसरे दिन उसी समय तीसरी॥ ४९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.5.49 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 66) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/padma/5/49/