श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.80

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

विमानैः सह भक्तैश्‍च हरिराविर्बभूव ह।

जयशब्दा नमःशब्दास्तत्रासन् बहवस्तदा॥ ८०

vimānaiḥ saha bhaktaiśca harirāvirbabhūva ha|

jayaśabdā namaḥśabdāstatrāsan bahavastadā|| 80

अर्थ

वहाँ भक्तोंसे भरे हुए विमानोंके साथ भगवान् प्रकट हुए। सब ओरसे खूब जय-जयकार और नमस्कारकी ध्वनियाँ होने लगीं॥ ८०॥

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