श्रीसनकादि कहते हैं—नारदजी! अब हम आपको सप्ताहश्रवणकी विधि बताते हैं। यह विधि प्रायः लोगोंकी सहायता और धनसे साध्य कही गयी है॥ १॥
अथ ते सम्प्रवक्ष्यामः सप्ताहश्रवणे विधिम्।
सहायैर्वसुभिश्चैव प्रायः साध्यो विधिः स्मृतः॥ १
श्रीसनकादि कहते हैं—नारदजी! अब हम आपको सप्ताहश्रवणकी विधि बताते हैं। यह विधि प्रायः लोगोंकी सहायता और धनसे साध्य कही गयी है॥ १॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.6.1 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 70) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/6/1/