कथा-प्रारम्भके दिनसे एक दिन पूर्व व्रत ग्रहण करनेके लिये वक्ताको क्षौर करा लेना चाहिये। तथा अरुणोदयके समय शौचसे निवृत्त होकर अच्छी तरह स्नान करे॥ २३॥
वक्त्रा क्षौरं प्रकर्तव्यं दिनादर्वाग्व्रताप्तये।
अरुणोदयेऽसौ निर्वर्त्य शौचं स्नानं समाचरेत्॥ २३
कथा-प्रारम्भके दिनसे एक दिन पूर्व व्रत ग्रहण करनेके लिये वक्ताको क्षौर करा लेना चाहिये। तथा अरुणोदयके समय शौचसे निवृत्त होकर अच्छी तरह स्नान करे॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.6.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 72) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/padma/6/23/