श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.28

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

श्रीमद्भागवतस्यापि ततः पूजा प्रयत्नतः।

कर्तव्या विधिना प्रीत्या धूपदीपसमन्विता॥ २८

śrīmadbhāgavatasyāpi tataḥ pūjā prayatnataḥ|

kartavyā vidhinā prītyā dhūpadīpasamanvitā|| 28

अर्थ

इसके पश्चात् धूप-दीप आदि सामग्रियोंसे श्रीमद्भागवतकी भी बड़े उत्साह और प्रीतिपूर्वक विधि-विधानसे पूजा करे॥ २८॥

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