राजा परीक्षित्ने कहा—‘हे तात! तुम्हारे पिता और पितामहोंने मेरे पिता-पितामहको बड़े-बड़े संकटोंसे बचाया है। मेरी रक्षा भी उन्होंने ही की है॥ ९॥
तात त्वत्पितृभिर्नूनमस्मत्पितृपितामहाः।
उद्धृता भूरिदुःखौघादहं च परिरक्षितः॥ ९
राजा परीक्षित्ने कहा—‘हे तात! तुम्हारे पिता और पितामहोंने मेरे पिता-पितामहको बड़े-बड़े संकटोंसे बचाया है। मेरी रक्षा भी उन्होंने ही की है॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.1.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 984) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/skanda/1/9/