श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.1.8

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

ताभिः संमानितोऽत्यर्थं परीक्षित् पृथिवीपतिः।

विश्रान्तः सुखमासीनो वज्रनाभमुवाच ह॥ ८

tābhiḥ saṃmānito'tyarthaṃ parīkṣit pṛthivīpatiḥ|

viśrāntaḥ sukhamāsīno vajranābhamuvāca ha|| 8

अर्थ

रोहिणी आदि श्रीकृष्ण-पत्‍नियोंने भी सम्राट् परीक्षित‍्का अत्यन्त सम्मान किया। वे विश्राम करके जब आरामसे बैठ गये, तब उन्होंने वज्रनाभसे यह बात कही॥ ८॥

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