श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.2.20

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

परन्तूद्धवलाभे स्यादस्मत्सर्वार्थसाधनम्।

तथा वदस्व कालिन्दि तल्लाभोऽपि यथा भवेत्॥ २०

parantūddhavalābhe syādasmatsarvārthasādhanam|

tathā vadasva kālindi tallābho'pi yathā bhavet|| 20

अर्थ

किन्तु तुम अभी कह चुकी हो कि उद्धवजीके मिलनेपर ही हमारे सभी मनोरथ पूर्ण होंगे; इसलिये कालिन्दी! अब ऐसा कोई उपाय बताओ, जिससे उद्धवजी भी शीघ्र ही मिल जायँ॥ २०॥

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