॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक POST.3.24
त्वया सर्गे नियुक्तोऽस्मि पापीयान् मां रजोगुणः।
त्वत्स्मृतौ नैव बाधेत तथैव कृपया प्रभो॥ २४
tvayā sarge niyukto'smi pāpīyān māṃ rajoguṇaḥ|
tvatsmṛtau naiva bādheta tathaiva kṛpayā prabho|| 24
अर्थ
प्रभो! आपने मुझे सृष्टिकर्ममें लगाया है, मगर मुझे भय है कि सृष्टिकालमें अत्यन्त पापात्मा रजोगुण आपकी स्मृतिमें कहीं बाधा न डालने लग जाय। अतः कृपा करके ऐसी कोई बात बतायें, जिससे आपकी याद बराबर बनी रहे॥ २४॥