श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.26

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

ब्रह्मा तु परमप्रीतस्तेन कृष्णाप्तयेऽनिशम्।

सप्तावरणभंगाय सप्ताहं समवर्तयत्॥ २६

brahmā tu paramaprītastena kṛṣṇāptaye'niśam|

saptāvaraṇabhaṃgāya saptāhaṃ samavartayat|| 26

अर्थ

ब्रह्माजी श्रीमद्भागवतका उपदेश पाकर बड़े प्रसन्‍न हुए और उन्होंने श्रीकृष्णकी नित्य प्राप्तिके लिये तथा सात आवरणोंका भंग करनेके लिये श्रीमद्भागवतका सप्ताहपारायण किया॥ २६॥

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