श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.61

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

एतावत्कालपर्यन्तं प्रायो भागवतश्रुतेः।

वार्तामपि न जानन्ति मनुष्याः कर्मतत्पराः॥ ६१

etāvatkālaparyantaṃ prāyo bhāgavataśruteḥ|

vārtāmapi na jānanti manuṣyāḥ karmatatparāḥ|| 61

अर्थ

संसारके मनुष्य नाना प्रकारके कर्मोंमें रचे-पचे हुए हैं, ये लोग आजतक प्रायः भागवत-श्रवणकी बात भी नहीं जानते॥ ६१॥

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