इस प्रकार उस दस मासके गर्भस्थ शिशुके सामने ही धर्मरक्षक अप्रमेय भगवान् श्रीकृष्ण ब्रह्मास्त्रके तेजको शान्त करके वहीं अन्तर्धान हो गये॥ ११॥
विधूय तदमेयात्मा भगवान्धर्मगुब् विभुः।
मिषतो दशमास्यस्य तत्रैवान्तर्दधे हरिः॥ ११
इस प्रकार उस दस मासके गर्भस्थ शिशुके सामने ही धर्मरक्षक अप्रमेय भगवान् श्रीकृष्ण ब्रह्मास्त्रके तेजको शान्त करके वहीं अन्तर्धान हो गये॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.12.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 136) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/12/11/