श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.12.11

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

विधूय तदमेयात्मा भगवान्धर्मगुब् विभुः।

मिषतो दशमास्यस्य तत्रैवान्तर्दधे हरिः॥ ११

vidhūya tadameyātmā bhagavāndharmagub vibhuḥ|

miṣato daśamāsyasya tatraivāntardadhe hariḥ|| 11

अर्थ

इस प्रकार उस दस मासके गर्भस्थ शिशुके सामने ही धर्मरक्षक अप्रमेय भगवान् श्रीकृष्ण ब्रह्मास्त्रके तेजको शान्त करके वहीं अन्तर्धान हो गये॥ ११॥

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