श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.12.12

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

ततः सर्वगुणोदर्के सानुकूलग्रहोदये।

जज्ञे वंशधरः पाण्डोर्भूयः पाण्डुरिवौजसा॥ १२

tataḥ sarvaguṇodarke sānukūlagrahodaye|

jajñe vaṃśadharaḥ pāṇḍorbhūyaḥ pāṇḍurivaujasā|| 12

अर्थ

तदनन्तर अनुकूल ग्रहोंके उदयसे युक्त समस्त सद‍्गुणोंको विकसित करनेवाले शुभ समयमें पाण्डुके वंशधर परीक्षित‍्का जन्म हुआ। जन्मके समय ही वह बालक इतना तेजस्वी दीख पड़ता था, मानो स्वयं पाण्डुने ही फिरसे जन्म लिया हो॥ १२॥

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