श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.12.23

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

पितामहसमः साम्ये प्रसादे गिरिशोपमः।

आश्रयः सर्वभूतानां यथा देवो रमाश्रयः॥ २३

pitāmahasamaḥ sāmye prasāde giriśopamaḥ|

āśrayaḥ sarvabhūtānāṃ yathā devo ramāśrayaḥ|| 23

अर्थ

इसमें पितामह ब्रह्माके समान समता रहेगी, भगवान् शंकरकी तरह यह कृपालु होगा और सम्पूर्ण प्राणियोंको आश्रय देनेमें यह लक्ष्मीपति भगवान् विष्णुके समान होगा॥ २३॥✎ 86

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #86 शब्दोंके बीचका स्थान: होगा॥१९॥ → होगा॥ १९॥

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