उसे फेंककर उन्होंने अपने पुत्रसे पूछा—‘बेटा! तुम क्यों रो रहे हो? किसने तुम्हारा अपकार किया है?’ उनके इस प्रकार पूछनेपर बालकने सारा हाल कह दिया ॥ ४०॥
विसृज्य पुत्रं पप्रच्छ वत्स कस्माद्धि रोदिषि।
केन वा तेऽपकृतमित्युक्तः स न्यवेदयत्॥ ४०
उसे फेंककर उन्होंने अपने पुत्रसे पूछा—‘बेटा! तुम क्यों रो रहे हो? किसने तुम्हारा अपकार किया है?’ उनके इस प्रकार पूछनेपर बालकने सारा हाल कह दिया ॥ ४०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.18.40 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 173) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/18/40/