सोलहवें परशुराम अवतारमें जब उन्होंने देखा कि राजालोग ब्राह्मणोंके द्रोही हो गये हैं, तब क्रोधित होकर उन्होंने पृथ्वीको इक्कीस बार क्षत्रियोंसे शून्य कर दिया॥ २०॥✎ 3031
अवतारे षोडशमे पश्यन् ब्रह्मद्रुहो नृपान्।
त्रिःसप्तकृत्वः कुपितो निःक्षत्रामकरोन्महीम्॥ २०
सोलहवें परशुराम अवतारमें जब उन्होंने देखा कि राजालोग ब्राह्मणोंके द्रोही हो गये हैं, तब क्रोधित होकर उन्होंने पृथ्वीको इक्कीस बार क्षत्रियोंसे शून्य कर दिया॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.3.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 90) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/3/20/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)