श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.1.19

दशम स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

ब्रह्मा तदुपधार्याथ सह देवैस्तया सह।

जगाम सत्रिनयनस्तीरं क्षीरपयोनिधेः॥ १९

brahmā tadupadhāryātha saha devaistayā saha|

jagāma satrinayanastīraṃ kṣīrapayonidheḥ|| 19

अर्थ

ब्रह्माजीने बड़ी सहानुभूतिके साथ उसकी दुःख-गाथा सुनी। उसके बाद वे भगवान् शंकर, स्वर्गके अन्यान्य प्रमुख देवता तथा गौके रूपमें आयी हुई पृथ्वीको अपने साथ लेकर क्षीरसागरके तटपर गये॥ १९॥

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