उसी समयसे मथुरा ही समस्त यदुवंशी नरपतियोंकी राजधानी हो गयी थी। भगवान् श्रीहरि सर्वदा वहाँ विराजमान रहते हैं॥ २८॥✎ 8821651
राजधानी ततः साभूत् सर्वयादवभूभुजाम्।
मथुरा भगवान् यत्र नित्यं संनिहितो हरिः॥ २८
उसी समयसे मथुरा ही समस्त यदुवंशी नरपतियोंकी राजधानी हो गयी थी। भगवान् श्रीहरि सर्वदा वहाँ विराजमान रहते हैं॥ २८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.1.28 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 123) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/1/28/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)