श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.11.26

दशम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

यन्‍न म्रियेत द्रुमयोरन्तरं प्राप्य बालकः।

असावन्यतमो वापि तदप्यच्युतरक्षणम्॥ २६

yanna mriyeta drumayorantaraṃ prāpya bālakaḥ|

asāvanyatamo vāpi tadapyacyutarakṣaṇam|| 26

अर्थ

यमलार्जुन वृक्षोंके गिरनेके समय उनके बीचमें आकर भी यह या और कोई बालक न मरा। इससे भी यही समझना चाहिये कि भगवान्‌ने हमारी रक्षा की॥ २६॥

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