श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.11.46

दशम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

स्वं स्वं वत्सकुलं सर्वे पाययिष्यन्त एकदा।

गत्वा जलाशयाभ्याशं पाययित्वा पपुर्जलम्॥ ४६

svaṃ svaṃ vatsakulaṃ sarve pāyayiṣyanta ekadā|

gatvā jalāśayābhyāśaṃ pāyayitvā papurjalam|| 46

अर्थ

एक दिनकी बात है, सब ग्वालबाल अपने झुंड-के-झुंड बछड़ोंको पानी पिलानेके लिये जलाशयके तटपर ले गये। उन्होंने पहले बछड़ोंको जल पिलाया और फिर स्वयं भी पिया॥ ४६॥

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