राजा परीक्षित्ने पूछा—भगवन्! आपने कहा था कि ग्वालबालोंने भगवान्की की हुई पाँचवें वर्षकी लीला व्रजमें छठे वर्षमें जाकर कही। अब इस विषयमें आप कृपा करके यह बतलाइये कि एक समयकी लीला दूसरे समयमें वर्तमानकालीन कैसे हो सकती है?॥ ४१॥
ब्रह्मन् कालान्तरकृतं तत्कालीनं कथं भवेत्।
यत् कौमारे हरिकृतं जगुः पौगण्डकेऽर्भकाः॥ ४१
राजा परीक्षित्ने पूछा—भगवन्! आपने कहा था कि ग्वालबालोंने भगवान्की की हुई पाँचवें वर्षकी लीला व्रजमें छठे वर्षमें जाकर कही। अब इस विषयमें आप कृपा करके यह बतलाइये कि एक समयकी लीला दूसरे समयमें वर्तमानकालीन कैसे हो सकती है?॥ ४१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.12.41 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 209) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/12/41/