श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.14.48

दशम स्कन्ध · अध्याय 14 · अथ चतुर्दशोऽध्यायः

अद्यानेन महाव्यालो यशोदानन्दसूनुना।

हतोऽविता वयं चास्मादिति बाला व्रजे जगुः॥ ४८

adyānena mahāvyālo yaśodānandasūnunā|

hato'vitā vayaṃ cāsmāditi bālā vraje jaguḥ|| 48

अर्थ

परीक्षित्! उसी दिन बालकोंने व्रजमें जाकर कहा कि ‘आज यशोदा मैयाके लाड़ले नन्दनन्दनने वनमें एक बड़ा भारी अजगर मार डाला है और उससे हमलोगोंकी रक्षा की है’॥ ४८॥✎ 1423

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1423 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): महकते → महँकते

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