ya indrayāgasambhārāstairayaṃ sādhyatāṃ makhaḥ|| 25
अर्थ
इसलिये हमलोग गौओं, ब्राह्मणों और गिरिराजका यजन करनेकी तैयारी करें। इन्द्र-यज्ञके लिये जो सामग्रियाँ इकट्ठी की गयी हैं, उन्हींसे इस यज्ञका अनुष्ठान होने दें॥ २५॥✎ 1667
तस्माद् गवां ब्राह्मणानामद्रेश्चारभ्यतां मखः।
य इन्द्रयागसम्भारास्तैरयं साध्यतां मखः॥ २५
इसलिये हमलोग गौओं, ब्राह्मणों और गिरिराजका यजन करनेकी तैयारी करें। इन्द्र-यज्ञके लिये जो सामग्रियाँ इकट्ठी की गयी हैं, उन्हींसे इस यज्ञका अनुष्ठान होने दें॥ २५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.24.25 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 292) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/24/25/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)