annaṃ bahuvidhaṃ tebhyo deyaṃ vo dhenudakṣiṇāḥ|| 27
अर्थ
वेदवादी ब्राह्मणोंके द्वारा भलीभाँति हवन करवाया जाय तथा उन्हें अनेकों प्रकारके अन्न, गौएँ और दक्षिणाएँ दी जायँ॥ २७॥✎ 1667
हूयन्तामग्नयः सम्यग् ब्राह्मणैर्ब्रह्मवादिभिः।
अन्नं बहुविधं तेभ्यो देयं वो धेनुदक्षिणाः॥ २७
वेदवादी ब्राह्मणोंके द्वारा भलीभाँति हवन करवाया जाय तथा उन्हें अनेकों प्रकारके अन्न, गौएँ और दक्षिणाएँ दी जायँ॥ २७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.24.27 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 292) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/24/27/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)