rāmakṛṣṇau tato mahyaṃ mṛtyuḥ kila nidarśitaḥ|| 23
अर्थ
वसुदेवके दो पुत्र बलराम और कृष्ण नन्दके व्रजमें रहते हैं। उन्हींके हाथसे मेरी मृत्यु बतलायी जाती है॥ २३॥
नन्दव्रजे किलासाते सुतावानकदुन्दुभेः।
रामकृष्णौ ततो मह्यं मृत्युः किल निदर्शितः॥ २३
वसुदेवके दो पुत्र बलराम और कृष्ण नन्दके व्रजमें रहते हैं। उन्हींके हाथसे मेरी मृत्यु बतलायी जाती है॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.36.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 359) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/36/23/