नन्दगोपादयो गोपा भोजराजसमाहुताः।
निवेदितोपायनास्ते एकस्मिन् मंच आविशन्॥ ३८
इसी समय भोजराज कंसने नन्द आदि गोपोंको बुलवाया। उन लोगोंने आकर उसे तरह-तरहकी भेंटें दीं और फिर जाकर वे एक मंचपर बैठ गये॥ ३८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.42.38 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 397) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/42/38/