भगवान् मधुसूदनने जब उसे अपनी ओर झपटते देखा, तब उसके पास चले गये और अपने एक ही हाथसे उसकी सूँड़ पकड़कर उसे धरतीपर पटक दिया॥ १३॥
तमापतन्तमासाद्य भगवान् मधुसूदनः।
निगृह्य पाणिना हस्तं पातयामास भूतले॥ १३
भगवान् मधुसूदनने जब उसे अपनी ओर झपटते देखा, तब उसके पास चले गये और अपने एक ही हाथसे उसकी सूँड़ पकड़कर उसे धरतीपर पटक दिया॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.43.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 398) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/43/13/