श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.48.33

दशम स्कन्ध · अध्याय 48 · अथाष्टचत्वारिंशोऽध्यायः

पितर्युपरते बालाः सह मात्रा सुदुःखिताः।

आनीताः स्वपुरं राज्ञा वसन्त इति शुश्रुम॥ ३३

pitaryuparate bālāḥ saha mātrā suduḥkhitāḥ|

ānītāḥ svapuraṃ rājñā vasanta iti śuśruma|| 33

अर्थ

हमने ऐसा सुना है कि राजा पाण्डुके मर जानेपर अपनी माता कुन्तीके साथ युधिष्ठिर आदि पाण्डव बड़े दुःखमें पड़ गये थे। अब राजा धृतराष्ट्र उन्हें अपनी राजधानी हस्तिनापुरमें ले आये हैं और वे वहीं रहते हैं॥ ३३॥

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