यदि आप इसके विपरीत आचरण करेंगे तो इस लोकमें आपकी निन्दा होगी और मरनेके बाद आपको नरकमें जाना पड़ेगा। इसलिये अपने पुत्रों और पाण्डवोंके साथ समानताका बर्ताव कीजिये॥ १९॥
अन्यथा त्वाचरँल्लोके गर्हितो यास्यसे तमः।
तस्मात् समत्वे वर्तस्व पाण्डवेष्वात्मजेषु च॥ १९
यदि आप इसके विपरीत आचरण करेंगे तो इस लोकमें आपकी निन्दा होगी और मरनेके बाद आपको नरकमें जाना पड़ेगा। इसलिये अपने पुत्रों और पाण्डवोंके साथ समानताका बर्ताव कीजिये॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.49.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 442) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/49/19/