श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.6.14

दशम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

पतमानोऽपि तद्देहस्त्रिगव्यूत्यन्तरद्रुमान्।

चूर्णयामास राजेन्द्र महदासीत्तदद्भुतम्॥ १४

patamāno'pi taddehastrigavyūtyantaradrumān|

cūrṇayāmāsa rājendra mahadāsīttadadbhutam|| 14

अर्थ

राजेन्द्र! पूतनाके शरीरने गिरते-गिरते भी छः कोसके भीतरके वृक्षोंको कुचल डाला। यह बड़ी ही अद्भुत घटना हुई॥ १४॥

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