भगवान् श्रीकृष्णने उसे अपनी ओर आते देखकर उसका मुकाबला करनेके लिये अपना ज्वर छोड़ा। अब वैष्णव और माहेश्वर दोनों ज्वर आपसमें लड़ने लगे॥ २३॥✎ 2123
अथ नारायणो देवस्तं दृष्ट्वा व्यसृजज्ज्वरम्।
माहेश्वरो वैष्णवश्च युयुधाते ज्वरावुभौ॥ २३
भगवान् श्रीकृष्णने उसे अपनी ओर आते देखकर उसका मुकाबला करनेके लिये अपना ज्वर छोड़ा। अब वैष्णव और माहेश्वर दोनों ज्वर आपसमें लड़ने लगे॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.63.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 532) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/63/23/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)