श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.75.4

दशम स्कन्ध · अध्याय 75 · अथ पञ्चसप्ततितमोऽध्यायः

भीमो महानसाध्यक्षो धनाध्यक्षः सुयोधनः।

सहदेवस्तु पूजायां नकुलो द्रव्यसाधने॥ ४

bhīmo mahānasādhyakṣo dhanādhyakṣaḥ suyodhanaḥ|

sahadevastu pūjāyāṃ nakulo dravyasādhane|| 4

अर्थ

भीमसेन भोजनालयकी देख-रेख करते थे। दुर्योधन कोषाध्यक्ष थे। सहदेव अभ्यागतोंके स्वागत-सत्कारमें नियुक्त थे और नकुल विविध प्रकारकी सामग्री एकत्र करनेका काम देखते थे॥ ४॥✎ 1713

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1713 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: उदार-शिरोमणि → उदारशिरोमणि

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