श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.2.14

एकादश स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।

आर्षभाणां च संवादं विदेहस्य महात्मनः॥ १४

atrāpyudāharantīmamitihāsaṃ purātanam|

ārṣabhāṇāṃ ca saṃvādaṃ videhasya mahātmanaḥ|| 14

अर्थ

वसुदेवजी! तुमने मुझसे जो प्रश्‍न किया है, इसके सम्बन्धमें संत पुरुष एक प्राचीन इतिहास कहा करते हैं। वह इतिहास है—ऋषभके पुत्र नौ योगीश्‍वरों और महात्मा विदेहका शुभ संवाद॥ १४॥

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