श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.1.26

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

चकोरो बहवो यत्र शिवस्वातिररिन्दमः।

तस्यापि गोमतीपुत्रः पुरीमान् भविता ततः॥ २६

cakoro bahavo yatra śivasvātirarindamaḥ|

tasyāpi gomatīputraḥ purīmān bhavitā tataḥ|| 26

अर्थ

परीक्षित्! सुनन्दनका पुत्र होगा चकोर; चकोरके आठ पुत्र होंगे, जो सभी ‘बहु’ कहलायेंगे। इनमें सबसे छोटेका नाम होगा शिवस्वाति। वह बड़ा वीर होगा और शत्रुओंका दमन करेगा। शिवस्वातिका गोमतीपुत्र और उसका पुत्र होगा पुरीमान्॥ २६॥✎ 1780

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1780 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: अनिष्ट-कर्मा, → अनिष्टकर्मा,

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