परीक्षित्! ये तीस राजा चार सौ छप्पन वर्षतक पृथ्वीका राज्य भोगेंगे॥ २८॥✎ 1780
एते त्रिंशन्नृपतयश्चत्वार्यब्दशतानि च।
षट्पंचाशच्च पृथिवीं भोक्ष्यन्ति कुरुनन्दन॥ २८
परीक्षित्! ये तीस राजा चार सौ छप्पन वर्षतक पृथ्वीका राज्य भोगेंगे॥ २८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.1.28 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 909) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/12/1/28/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)