इनके बाद आठ यवन और चौदह तुर्क राज्य करेंगे। इसके बाद दस गुरुण्ड और ग्यारह मौन नरपति होंगे॥ ३०॥
ततोऽष्टौ यवना भाव्याश्चतुर्दश तुरुष्ककाः।
भूयो दश गुरुण्डाश्च मौना एकादशैव तु॥ ३०
इनके बाद आठ यवन और चौदह तुर्क राज्य करेंगे। इसके बाद दस गुरुण्ड और ग्यारह मौन नरपति होंगे॥ ३०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.1.30 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 909) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/1/30/