इनके बाद मगध देशका राजा होगा विश्व-स्फूर्जि। यह पूर्वोक्त पुरंजयके अतिरिक्त द्वितीय पुरंजय कहलायेगा। यह ब्राह्मणादि उच्च वर्णोंको पुलिन्द, यदु और मद्र आदि म्लेच्छप्राय जातियोंके रूपमें परिणत कर देगा॥ ३६॥
करिष्यत्यपरो वर्णान् पुलिन्दयदुमद्रकान्॥ ३६
इनके बाद मगध देशका राजा होगा विश्व-स्फूर्जि। यह पूर्वोक्त पुरंजयके अतिरिक्त द्वितीय पुरंजय कहलायेगा। यह ब्राह्मणादि उच्च वर्णोंको पुलिन्द, यदु और मद्र आदि म्लेच्छप्राय जातियोंके रूपमें परिणत कर देगा॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.1.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 910) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/1/36/