हम उन सर्वसाक्षी भगवान् वासुदेवको नमस्कार करते हैं, जिन्होंने कृपा करके मोक्षाभिलाषी ब्रह्माजीको इस श्रीमद्भागवतमहापुराणका उपदेश किया॥ २०॥✎ 1459
नमस्तस्मै भगवते वासुदेवाय साक्षिणे।
य इदं कृपया कस्मै व्याचचक्षे मुमुक्षवे॥ २०
हम उन सर्वसाक्षी भगवान् वासुदेवको नमस्कार करते हैं, जिन्होंने कृपा करके मोक्षाभिलाषी ब्रह्माजीको इस श्रीमद्भागवतमहापुराणका उपदेश किया॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.13.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 982) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/12/13/20/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
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