श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.2.18

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

सम्भलग्राममुख्यस्य ब्राह्मणस्य महात्मनः।

भवने विष्णुयशसः कल्किः प्रादुर्भविष्यति॥ १८

sambhalagrāmamukhyasya brāhmaṇasya mahātmanaḥ|

bhavane viṣṇuyaśasaḥ kalkiḥ prādurbhaviṣyati|| 18

अर्थ

उन दिनों शम्भल-ग्राममें विष्णुयश नामके एक श्रेष्ठ ब्राह्मण होंगे। उनका हृदय बड़ा उदार एवं भगवद्भक्तिसे पूर्ण होगा। उन्हींके घर कल्किभगवान् अवतार ग्रहण करेंगे॥ १८॥

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