श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.2.40

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

राजन्‍नेते मया प्रोक्ता नरदेवास्तथापरे।

भूमौ ममत्वं कृत्वान्ते हित्वेमां निधनं गताः॥ ४०

rājannete mayā proktā naradevāstathāpare|

bhūmau mamatvaṃ kṛtvānte hitvemāṃ nidhanaṃ gatāḥ|| 40

अर्थ

परीक्षित्! मैंने तुमसे जिन राजाओंका वर्णन किया है, वे सब और उनके अतिरिक्त दूसरे राजा भी इस पृथ्वीको ‘मेरी-मेरी’ करते रहे, परन्तु अन्तमें मरकर धूलमें मिल गये॥ ४०॥

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