॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 12.5.10
चोदितो विप्रवाक्येन न त्वां धक्ष्यति तक्षकः।
मृत्यवो नोपधक्ष्यन्ति मृत्यूनां मृत्युमीश्वरम्॥ १०
codito vipravākyena na tvāṃ dhakṣyati takṣakaḥ|
mṛtyavo nopadhakṣyanti mṛtyūnāṃ mṛtyumīśvaram|| 10
अर्थ
देखो, तुम मृत्युओंकी भी मृत्यु हो! तुम स्वयं ईश्वर हो। ब्राह्मणके शापसे प्रेरित तक्षक तुम्हें भस्म न कर सकेगा। अजी, तक्षककी तो बात ही क्या, स्वयं मृत्यु और मृत्युओंका समूह भी तुम्हारे पासतक न फटक सकेंगे॥ १०॥