आत्मस्वरूप बेटा परीक्षित्! तुमने विश्वात्मा भगवान्की लीलाके सम्बन्धमें जो प्रश्न किया था, उसका उत्तर मैंने दे दिया, अब और क्या सुनना चाहते हो?॥ १३॥
इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां द्वादशस्कन्धे ब्रह्मोपदेशो नाम पञ्चमोऽध्यायः॥ ५॥
हरेर्विश्वात्मनश्चेष्टां किं भूयः श्रोतुमिच्छसि॥ १३
आत्मस्वरूप बेटा परीक्षित्! तुमने विश्वात्मा भगवान्की लीलाके सम्बन्धमें जो प्रश्न किया था, उसका उत्तर मैंने दे दिया, अब और क्या सुनना चाहते हो?॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.5.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 932) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/5/13/