atra pramāṇaṃ hi bhavān parameṣṭhī yathā''tmabhūḥ|
pare cehānutiṣṭhanti pūrveṣāṃ pūrvajaiḥ kṛtam|| 25
अर्थ
इस विषयमें आप स्वयम्भू ब्रह्माके समान परम प्रमाण हैं। दूसरे लोग तो अपनी पूर्वपरम्परासे सुनी-सुनायी बातोंका ही अनुष्ठान करते हैं॥ २५॥✎ 167168
अत्र प्रमाणं हि भवान् परमेष्ठी यथाऽऽत्मभूः।
परे चेहानुतिष्ठन्ति पूर्वेषां पूर्वजैः कृतम्॥ २५
इस विषयमें आप स्वयम्भू ब्रह्माके समान परम प्रमाण हैं। दूसरे लोग तो अपनी पूर्वपरम्परासे सुनी-सुनायी बातोंका ही अनुष्ठान करते हैं॥ २५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.8.25 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 221) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/2/8/25/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)