kalpo yatrābhavadbrahmā śabdabrahmeti yaṃ viduḥ|| 34
अर्थ
पूर्व परार्धके आरम्भमें ब्राह्म नामक महान् कल्प हुआ था। उसीमें ब्रह्माजीकी उत्पत्ति हुई थी। पण्डितजन इन्हें शब्दब्रह्म कहते हैं॥ ३४॥
पूर्वस्यादौ परार्धस्य ब्राह्मो नाम महानभूत्।
कल्पो यत्राभवद्ब्रह्मा शब्दब्रह्मेति यं विदुः॥ ३४
पूर्व परार्धके आरम्भमें ब्राह्म नामक महान् कल्प हुआ था। उसीमें ब्रह्माजीकी उत्पत्ति हुई थी। पण्डितजन इन्हें शब्दब्रह्म कहते हैं॥ ३४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.11.34 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 285) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/11/34/