हम स्त्रियोंपर तो व्याध भी दया करते हैं, फिर वे सतीपति तो मेरे बहनोई और परम कृपालु हैं; अतः वे मुझपर प्रसन्न हों॥ ३५॥✎ 259
स नः प्रसीदतां भामो भगवानुर्वनुग्रहः।
व्याधस्याप्यनुकम्प्यानां स्त्रीणां देवः सतीपतिः॥ ३५
हम स्त्रियोंपर तो व्याध भी दया करते हैं, फिर वे सतीपति तो मेरे बहनोई और परम कृपालु हैं; अतः वे मुझपर प्रसन्न हों॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.14.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 302) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/14/35/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#259 शब्दोंके बीचका स्थान: भूतोंकेस्वामी → भूतोंके स्वामी