मरीचि आदि मुनीश्वरोंने और स्वायम्भुव मनुने भी ब्रह्माजीकी आज्ञासे किस प्रकार प्रजाकी वृद्धि की?॥ १०॥
ये मरीच्यादयो विप्रा यस्तु स्वायम्भुवो मनुः।
ते वै ब्रह्मण आदेशात्कथमेतदभावयन्॥ १०
मरीचि आदि मुनीश्वरोंने और स्वायम्भुव मनुने भी ब्रह्माजीकी आज्ञासे किस प्रकार प्रजाकी वृद्धि की?॥ १०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.20.10 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 330) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/20/10/