kimārabhata me brahman prabrūhyavyaktamārgavit|| 9
अर्थ
विदुरजीने कहा—ब्रह्मन्! आप परोक्ष विषयोंको भी जाननेवाले हैं; अतः यह बतलाइये कि प्रजापतियोंके पति श्रीब्रह्माजीने मरीचि आदि प्रजापतियोंको उत्पन्न करके फिर सृष्टिको बढ़ानेके लिये क्या किया॥ ९॥
प्रजापतिपतिः सृष्ट्वा प्रजासर्गे प्रजापतीन्।
किमारभत मे ब्रह्मन् प्रब्रूह्यव्यक्तमार्गवित्॥ ९
विदुरजीने कहा—ब्रह्मन्! आप परोक्ष विषयोंको भी जाननेवाले हैं; अतः यह बतलाइये कि प्रजापतियोंके पति श्रीब्रह्माजीने मरीचि आदि प्रजापतियोंको उत्पन्न करके फिर सृष्टिको बढ़ानेके लिये क्या किया॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.20.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 330) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/20/9/