इसके पश्चात् ब्रह्माजीने अपने जघनदेशसे कामासक्त असुरोंको उत्पन्न किया। वे अत्यन्त कामलोलुप होनेके कारण उत्पन्न होते ही मैथुनके लिये ब्रह्माजीकी ओर चले॥ २३॥
देवोऽदेवाञ्जघनतः सृजति स्मातिलोलुपान्।
त एनं लोलुपतया मैथुनायाभिपेदिरे॥ २३
इसके पश्चात् ब्रह्माजीने अपने जघनदेशसे कामासक्त असुरोंको उत्पन्न किया। वे अत्यन्त कामलोलुप होनेके कारण उत्पन्न होते ही मैथुनके लिये ब्रह्माजीकी ओर चले॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.20.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 331) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/20/23/