श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.20.24

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

ततो हसन् स भगवानसुरैर्निरपत्रपैः।

अन्वीयमानस्तरसा क्रुद्धो भीतः परापतत्॥ २४

tato hasan sa bhagavānasurairnirapatrapaiḥ|

anvīyamānastarasā kruddho bhītaḥ parāpatat|| 24

अर्थ

यह देखकर पहले तो वे हँसे; किन्तु फिर उन निर्लज्ज असुरोंको अपने पीछे लगा देख भयभीत और क्रोधित होकर बड़े जोरसे भागे॥ २४॥

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